प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार लोगों से ट्रेन से यात्रा करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन रेलवे की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। RTI (Right to Information Act) के तहत मिली जानकारी के मुताबिक, साल 2025-26 में 3.39 करोड़ से ज्यादा रेल यात्री अपने waitlisted टिकट कंफर्म न होने के कारण सफर नहीं कर पाए।
RTI में हुआ बड़ा खुलासा
यह डेटा NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल के एक्टिविस्ट चंद्रशेखर गौर ने RTI फाइल की थी। इसके जवाब में Ministry of Railways ने बताया कि 2025-26 में करीब 2.19 करोड़ PNRs (Passenger Name Records) ऑटोमैटिक कैंसल हो गए। ये वो टिकट थे जो रिजर्वेशन चार्ट बनने से पहले कंफर्म नहीं हो पाए।
कितने यात्री हुए प्रभावित?
रेलवे मंत्रालय के जवाब के मुताबिक, कुल 3.39 करोड़ से ज्यादा यात्री waitlisted टिकट कैंसल होने के कारण ट्रेन से सफर नहीं कर पाए। यह आंकड़ा देश के रेल नेटवर्क पर बढ़ते दबाव को दिखाता है। खासकर हाई-डिमांड रूट्स पर कंफर्म बर्थ की कमी साफ नजर आ रही है।
PM Modi की अपील और जमीनी हकीकत
एक तरफ PM Modi लोगों को ट्रेन से यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को टिकट न मिलना रेलवे की बढ़ती समस्या को उजागर करता है। यह आंकड़ा बताता है कि मौजूदा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ती डिमांड को पूरा करने में नाकाम हो रहा है।
हमारी बात: यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है
हमारी नजर में यह RTI डेटा सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है। जब देश का प्रधानमंत्री ट्रेन से यात्रा करने की अपील कर रहा है, लेकिन 3.39 करोड़ लोग टिकट न मिलने के कारण सफर नहीं कर पा रहे, तो यह रेलवे सिस्टम की बड़ी खामी को दिखाता है। सरकार को चाहिए कि वह न सिर्फ नई ट्रेनें जोड़े, बल्कि मौजूदा ट्रेनों में कोच बढ़ाने और रिजर्वेशन सिस्टम को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दे। यह समस्या आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी को सीधे प्रभावित करती है।