झारखंड में शहरी निकायों में पानी की सप्लाई को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक स्पेशल एक्शन प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत उन घरों तक पानी पहुंचाने की कोशिश की जाएगी जहां अभी तक जलापूर्ति की कोई सुविधा नहीं है।
झारखंड में पानी सप्लाई का स्पेशल एक्शन प्लान: क्या-क्या मिलेगा
इस स्पेशल एक्शन प्लान के तहत राज्य सरकार ने कई बड़ी व्यवस्थाएं की हैं। भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में बिना जलापूर्ति सुविधा वाले घरों तक पानी पहुंचाने के लिए 600 से अधिक वाटर टैंक लगाए जाएंगे। इसके अलावा 17,000 से अधिक हैंडपंप और 300 जलमीनार भी स्थापित किए जाएंगे।
योजना में हाईड्रेंट और डीप बोरिंग की भी व्यवस्था की गई है। विभाग का कहना है कि इस पहल से राज्य सरकार जल संकट से निपटेगी और लोगों को साफ पानी मिल सकेगा।
शहरी निकायों में पानी की समस्या का समाधान
झारखंड के कई शहरी इलाकों में पानी की कमी एक बड़ी समस्या है। खासकर गर्मियों के मौसम में लोगों को पीने के पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। इस स्पेशल एक्शन प्लान का मकसद उन इलाकों में पानी की सप्लाई को पक्का करना है जहां अभी तक कोई सुविधा नहीं पहुंची है।
इस योजना के तहत जो सुविधाएं दी जा रही हैं, वो सीधे तौर पर लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करेंगी। वाटर टैंक और हैंडपंप से उन इलाकों में पानी पहुंचेगा जहां पाइपलाइन नहीं है। जलमीनार और डीप बोरिंग से भूजल का सही इस्तेमाल हो सकेगा।
हमारी बात: ये प्लान कितना कारगर होगा?
हमारी नजर में ये एक अच्छी पहल है, लेकिन सवाल ये है कि इसे जमीन पर कितनी अच्छी तरह उतारा जाएगा। 600 वाटर टैंक और 17,000 हैंडपंप लगाना एक बड़ा काम है, लेकिन असली चुनौती इनका रखरखाव और सही तरीके से संचालन होगा। अगर सरकार इन सुविधाओं की देखभाल के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाती, तो ये प्लान कागजों तक सीमित रह सकता है।
सीधी बात करें तो, झारखंड के शहरी इलाकों में पानी की समस्या सालों पुरानी है। इस स्पेशल एक्शन प्लान से लोगों को राहत मिल सकती है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि काम समय पर हो और गुणवत्ता से समझौता न किया जाए।
Sources & References
- Free Water Connection in Urban Bodies — Bhaskar